Computer Memory unit in Hindi

जिस प्रकार मनुष्य को कोई भी जानकारी याद रखने के लिए मस्तिष्क की आवश्यकता होती है उसी प्रकार कंप्यूटर को कोई भी जानकारी याद रखने के लिए या यूं कहें उसको अपने पास storage करने के लिए memory की आवश्यकता होती है, जिसे हम कंप्यूटर मेमोरी यूनिट (Computer memory unit in Hindi) कहते हैं. जिसकी मदद से वह लंबे समय तक बिना भूले हमारी जरूरी जानकारी जैसे कि Photos, Videos और documents को store करता है।

Computer memory unit in Hindi

पिछले तीन दशकों में Computer memory में तेजी से वृद्धि हुई है, और memory की प्रत्येक पीढ़ी अपने साथ memory unit’s का एक नया स्तर और सीखने के लिए नए शब्द लेकर आती है। आइए इन इकाइयों (Unit’s) पर एक नजर डालते हैं।

What is Computer memory unit in Hindi?

जिस प्रकार हमारा मस्तिष्क बहुत सारे cells से बना है, उसी प्रकार Computer memory बहुत सारे Bits को मिलाकर बनता है. Bits कंप्यूटर मेमोरी का सबसे छोटा इकाई है।

Computer हमारी और आपकी तरह भाषाओं को नहीं समझता वह किसी भी चीज को Zero और 1 के मेल से समझता है, कंप्यूटर की जो सबसे छोटी इकाई है वह Bit कहलाती है जो कि या तो 0 या फिर 1 होती है, जहां 0 का मतलब No, नहीं, False वही 1 का मतलब हां, yes, true है।

Memory unit data की मात्रा है जिसे storage unit’s में स्टोर किया जा सकता है। यह storage क्षमता Bits तथा Bytes के रूप में व्यक्त की जाती है।

तकनीकी कारणों से, Computer memory क्षमता दो की शक्ति के गुणकों में व्यक्त की जाती है। मीट्रिक उपसर्गों को तब उन गुणकों पर लागू किया गया था ताकि बहुत बड़ी संख्या में Bits और Bytes को व्यक्त करने का एक आसान तरीका प्रदान किया जा सके।

Some Computer memory units with description

Bits

Bits Computer memory unit में सबसे छोटी इकाई है जिसे हम 0 और 1 के रूप में इस्तेमाल करते हैं। यहां एक Bit का मतलब सिर्फ 0 या, सिर्फ 1 ही होगा 0 और 1 दोनों एक साथ नहीं.

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Nibble

एक निबल में 4 Bits होते हैं, फिर चाहे वह 0 हो या 1.

Byte/Octet

एक byte में 8 bits होते हैं.

Kilo Byte

1024 bytes को मिलाकर एक kilobyte बनता है.

Mega Byte

1024 kilobytes को मिलाकर एक megabyte (MB) बनता है

Giga Byte

1024 megabytes (MB) को मिलाकर एक gigabyte (GB) बनता है.

Terabyte

1024 gigabyte (GB) को मिलाकर एक terabyte (TB) बनता है.

Petabyte

1024 terabytes (TB) को मिलाकर एक petabyte (PB) बनता है.

Exabyte

1024 petabytes (PB) को मिलाकर एक exabyte (EB) बनता है.

Zettabyte

1024 exabytes (EB) को मिलाकर एक zettabyte (ZB) बनता है.

Yottabyte

1024 zettabytes (ZB) को मिलाकर एक yottabyte (YB) बनता है.

 

कंप्यूटर मेमोरी (Computer Memory) मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है –

  • Cache Memory
  • Primary Memory/Main Memory
  • Secondary Memory

Cache Memory

Cache memory computer की सबसे तेज मेमोरी है। cache memory एक बहुत ही उच्च गति वाली सेमीकंडक्टर मेमोरी है जो CPU(Central Processing Unit) को गति प्रदान कर सकती है। यह CPU और मुख्य मेमोरी के बीच बफर के रूप में कार्य करता है। इसका उपयोग Data और program के उन हिस्सों को रखने के लिए किया जाता है जो CPU द्वारा सबसे अधिक उपयोग किए जाते हैं। डेटा और प्रोग्राम के हिस्से operating system द्वारा disk से कैश मेमोरी में स्थानांतरित किए जाते हैं, जहां से सीपीयू (CPU) उन्हें एक्सेस कर सकता है।

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Advantages of Cache Memory ( कैश मेमोरी के फायदे)

  • यह कंप्यूटर की सबसे तेज मेमोरी है। यह मुख्य मेमोरी से तेज है।
  • यह अस्थायी रूप से डेटा संग्रहीत करता है।
  • यह उस प्रोग्राम को स्टोर करता है जिसे थोड़े समय के भीतर निष्पादित किया जा सकता है।

Disadvantages of Cache Memory (कैश मेमोरी के नुकसान)

  • बहुत महँगा हो जाता है।
  • इसकी सीमित क्षमता है।

Primary Memory/Main Memory

Primary Memory (प्राथमिक मेमोरी) वह मेमोरी है जो उस Data और instruction को store करती है जिस पर हम वर्तमान में काम कर रहे हैं।

इस memory की store करने की क्षमता कम होती है, और यह तब तक ही डाटा या इंस्ट्रक्शन (data or instruction) को स्टोर कर पाती है जब तक इसे बिजली मिलती रहती है। अगर इसे बिजली ना मिले तो हम अपना डाटा खो भी सकते हैं।

Primary Memory आमतौर पर एक सेमीकंडक्टर डिवाइस (Semiconductor device) होती है, यह मेमोरी register’s की तरह तेज नहीं होती है।

primary memory unit को दो वर्गों में बांटा गया है-

  1. RAM (Random Access Memory)
  2. ROM (Read only Memory)

Primary Memory की कुछ विशेषताएं_

  • Primary Memory  semiconductor memory होती है
  • Primary Memory Volatile memory होती है
  • बिजली ना मिलने पर इस memory में data का lose हो जाता है

Secondary Memory

Secondary Memory को External Memory भी कहा जाता है, क्योंकि इसे हम बाहर से भी अपने computer में लगाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

Secondary Memory  Non-Volatile Memory होता है इसमें हम जब कोई भी डाटा डालते हैं, तो वह तब तक delete नहीं होता जब तक हम उसे डिलीट ना करें।

Secondary Memory Main Memory की तुलना में धीमा होता है, इस memory का इस्तेमाल data/information को स्थायी रूप से सेव करने के लिए किया जाता है।

CPU इस memory से डायरेक्ट एक्सेस नहीं कर सकती जो भी data secondary memory में होता है उसे पहले main memory में transfer किया जाता है उसके बाद वह main memory से CPU तक पहुंचता है। Secondary Memory के कुछ उदाहरण- CD, DVD, Pen-drive, Hard-disk, etc…

Secondary Memory की कुछ विशेषताएं_

  • ये magnetic और optical मेमोरी हैं जिनका उपयोग कंप्यूटर में किया जाता है।
  • यह Non- volatile मेमोरी होती है।
  • secondary memory को डाटा को सेव रखने के लिए बिजली की आवश्यकता नहीं होती है, यह बिना बिजली के लिए हमारे डाटा को लंबे समय तक से रखते हैं।
  • कंप्यूटर बिना secondary memory के भी काम कर सकता है।

आशा है आज के ब्लॉक में आपने कुछ नया सीखा होगा, ऐसी ही रोचक जानकारियों के लिए हमसे जुड़े रहें, धन्यवाद जय हिन्द।

 

 

 

 

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